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काले धन के कुबेरः करोड़ों का मालिक निकला बड़नगर सीएमओ
मंगलवार की सुबह लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करके हुए काले धन के करोड़पति अधिकारी को गिरफ्तार किया है। उज्जैन सहित तीन जगहों पर चल रही कार्रवाई में बड़नगर नगरपालिका के सीएमओ के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त टीम की कार्रवाई उज्जैन, बड़नगर और माकड़ौन में जारी है। शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि सीएमओ के ठिकानों से अभीतक करीब तीन करोड़ की संपत्ति मिल चुकी है।
नगदी और जेवरात मिले
लोकायुक्त के अनुसार सीएमओ को नौकरी करते हुए 16 साल हुए हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार नौकरी में इन्हें करीब 30 लाख रुपए सैलरी मिली है। लोकायुक्त की टीम को सीएमओ कुलदीप किंशुक के घर से करीब 4 लाख नकदी के साथ लाखों के सोने-चांदी के जेवरात मिले हैं। साथ ही घर की अलमारी से दो बंगले, कृषि भूमि, एक होटल की भी जानकारी मिली है यह होटल अभी बन रही है। सीएमओ उज्जैन रेलवे स्टेशन के सामने होटल बना रहे हैं, बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। साथ ही परिवार के 40 बैंक खातों का भी पता चला है। लोकायुक्त पुलिस को सीएमओ कुलदीप किंशुक के खिलाफ तीन महीने पहले ही आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। टीम ने मामले की जांच की तो शिकायत सही निकली और आखिरकार आज 3 टीम ने सीएमओ के ठिकानों पर दबिश दे दी।
पंचायत सचिव से सीएमओ तक
कुलदीप किंशुक के सीएमओ बनने की कहानी भी दिलचस्प है। 2004 में पंचायत सचिव के पद भरर्ती हुआ कुलदीप प्रमोशन पाकर राजस्व निरीक्षक बन गया और प्रशासन पर पकड़ ते चलते प्रभारी सीएमओ बड़नगर का प्रभार भी ले लिया। जांच में पता चला है कि कुलदीप की संपत्ति उसके साथ साथ उसके दोस्तों के नाम भी मिली है। छापे के दौरान लोकायुक्त को सीएमओ का एक दोस्त भी उनके घर पर मिला। इसके नाम पर भी कार समेत कई संपत्ति दर्ज हैं। जांच में यह भी पता चला है कि कुलदीप कई दोस्तों के नाम पर कई संपत्तियां खरीदी है। अब टीम उन दोस्तों का भी पता कर रही है जो बेनामी संपत्ति के लिये अपने दोस्त की सहायता कर रहे थे।माकड़ौन, बड़नग और उज्जैन में 6 मकान मिले है इसमें दो मकान रिलेटिव के नाम हैं। शुरुआती जांच में सीएमओ के की तीन करोड़ की काली कमाई का पता चला है। माकड़ौन में साढ़े तीन एकड़ जमीन मिली है। उज्जैन के आलावा माकड़ौन में नगदी के साथ जेवरात मिली है।